रात को तकिये तले ….

एक टुकड़ा ऑंस्मॉं ..,और
कुछ टूटे हुए तारे मिले
रात को तकिये तले ….

कुछ अधुरी ख्वाईशें ..और
कुछ टूटे हुए ख़्वाब मिले
रात को तकिये तले….

बातें हैं कुछ अनकही…और
अनसुने से कुछ अल्फ़ाज़ मिले
रात को तकिये तले ….

धीमी सी कुछ सिसकियाँ ..और
दर्द में भीगे कुछ अश्क मिले
रात को तकिये तले ….

साथ गुज़रे कुछ लम्हे …और
इश्क़ मे डूबे कुछ जज़्बात मिले
रात को तकिये तले ….

अतीत की किताब के कुछ हिस्से …और
यादों की खिड़कियों से झॉंकते कुछ क़िस्से मिले
रात को तकिये तले ..,…..

एक टुकड़ा ऑंस्मॉं ..,और
कुछ टूटे हुए तारे मिले
रात को तकिये तले ….२


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